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प्रमुख नियम एवं सिद्धांत

( Important Rules and Principles of Chemistry and Physics)

1. बॉयल का नियम (Boyle’s Law) किसी निश्चित तापक्रम पर किसी गैस की दी गई मात्रा का आयतन उसके दाबPressure के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

2. चार्ल्स का नियम (Charles’ Law) दाब नियम हो तो, गैस का आयतन तापक्रम का समानुपाती होता है।

3. दाब का नियम (Rules of Pressure) स्थिर आयतन पर किसी गैस के निश्चित द्रव्यमान का दाब उसके परम ताप का अनुक्रमानुपाती होता है अर्थात् स्थिर आयतन पर यदि किसी गैस का ताप बढ़ाया जाए, तो दाब बढ़ता है और यदि ताप घटाया जाए, तो दाब घटता है।

.4 रदरफोर्ड का नाभिकीय सिद्धांत (Rutherford’s Nuclear Theory) इस सिद्धांत के अनुसार परमाणुAtom के अंदर का अधिकांश भाग खाली होता है तथा परमाणु गोलीय होता है नाभिक का आकार परमाणु के आकार की तुलना में अत्यंत छोटा होता है।

5. मैण्डलीफ का आवर्तPeriod नियम (Dmitri Mendeleev’s Periodic Law) यदि तत्वElementों को उनके बढ़ते हुए परमाणु भारों के क्रम में सजाया जाए तो उनकी एक निश्चित संख्या के बाद लगभग समान गुण वाले तत्व पाये जायेंगे।

6. आधुनिक आवर्त नियम (The Modern Periodic Law) तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण उनकी परमाणु संख्या के आवर्त फलन होते हैं।

8. गैसों का गतिज सिद्धांत (Kinetic Theory of Gases) यदि किसी को घनाकार बर्तनों में रखा जाये तो गैस का दाब, गैस के द्वारा उत्पन्न दाब के बराबर होता है, जो गैर द्वारा बर्तन की दीवार की इकाई क्षेत्रफल पर इकाई सेकेंड में उत्पन्न की जाती है।

9. जूल थॉमसन प्रभाव (Joule Thomson Effect) किसी गैस के प्रवाह को किसी दबाव के अंदर किसी छिद्रयुक्त माध्यम में मुक्त रूप से फैलने दिया जाये तो गैस के तापमान में अंतर जूल-थॉमसन प्रभाव कहलाता है। यह प्रभावी शीतलन में प्रयुक्त होता है।

10. पास्कल का नियम (Pascal’s Law) संतुलन में द्रव का दबाव चारों तरफ बराबर होता है।

11. हुक का नियम (Hooke’s Law) प्रत्यास्थता सीमा के अन्दर प्रतिबल सदैव विकृति के समानुपाती होता है।

12. केप्लर का ग्रहीय गति का नियम (Kepler’s Laws of Planetary Motion) सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने वाले ग्रहों का पथ दीर्घवृत्तीय या अण्डाकार होता है।

13. आर्किमिडीज का सिद्धांत (Archimedes’ Principle) किसी द्रव में डूबे किसी ठोस पर लगा उपरिमुखी बल, ठोस द्वारा हटाये गये द्रव के भार के बराबर होता है।

14. डॉप्लर का नियम (Doppler’s Law) यदि ध्वनि स्रोत तथा श्रोता को मध्य सापेक्ष गति हो रही हो तो श्रोता को ध्वनि की आवृत्ति, तारत्व से भिन्न प्रतीत होती है। ध्वनि में होने वाले इस आभासी परिवर्तन की घटना को डाप्लर प्रभाव या डाप्लर का नियम कहते हैं।

15. कूलॉम का व्युत्क्रम वर्ग नियम (Coulomb’s Law ) समान आवेश परस्पर प्रतिकर्षित व असमान आवेश आकर्षित होते हैं। दो आवेशों के बीच क्रियाशील आकर्षण तथा प्रतिकर्षण का बल उनके गुणनफल के समानुपाती एवं उनके बीच की दूरी के वर्ग का व्युत्क्रमानुपाती होता है।

16. ओम का नियम (Ohm Law ) यदि किसी चालक की भौतिक अवस्थायें अपरिवर्तित रहें तो उसे सिरों पर लगाये गये विभवांतर तथा उसमें प्रभावित विद्युत धारा की निष्पत्ति नियत रहती है।

17. संवेग संरक्षण का सिद्धांत (The Principle of Conservation of Momentum) जब दो या दो से अधिक वस्तुयें एक-दूसरे के साथ परस्पर क्रिया करती हैं एवं कोई भी बाह्य बल नहीं लग रहा होता है तो उनका कुल संवेग, सर्वदा संरक्षित रहता है। उदाहरण – राकेट की उड़ान

18. ऊष्माHeat गतिकी के नियम ( Law Of Thermodynamics) प्रथम नियम- एक यांत्रिक क्रिया में उत्पन्न ऊष्मा,किये गये कार्य के समानुपाती होती है। ऊष्मा गतिकी का प्रथम नियम, ऊर्जाEnergy संरक्षण नियम को दर्शाता है। द्वितीय नियम- इस नियम के अनुसार उपलब्ध ऊष्मा के सम्पूर्ण भाग को यांत्रिक कार्य में बदलना संभव नहीं है, परन्तु इसके एक निश्चित भाग को कार्य में बदला जा सकता है। अर्थात् उष्मा अपने आप निम्न ताप की वस्तु से उच्च ताप की वस्तु की ओर प्रवाहित नहीं हो सकती।

19. ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत (Conservation of Energy) ऊर्जा का न तो निर्माण होता है न विनाश अर्थात् कोई भी पिण्ड की कुल ऊर्जा हमेशा नियत होती है इसका केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तन अर्थात् रूपान्तरण होता है।

20. बरनौली का प्रमेय (Bernoulli Theorem) जब कोई असम्पीड्य और अश्यान द्रव अर्थात् आदर्श द्रव किसी नली में धारा रेखीय प्रवाह में बहता है तो उसके मार्ग के प्रत्येक बिन्दु पर इसके एकांक आयतन या एकांक द्रव्यमान की कुल ऊर्जा नियत होता है।

21. न्यूटन के गति के नियम (Newton’s Laws of Motion) गति के तीन नियम हैं –

  • प्रथम नियम- कोई भी वस्तुतब तक अपनी विरामावस्था में रहती है जब तक कि कोई बाह्य बल न आरोपित किया जाये।
  • द्वितीय नियम- संवेग में परिवर्तन की दर, आरोपित बल के समानुपाती होती है एवं परिवर्तन उसी दिशा में होता है, जिस दिशा में बल आरोपित किया जाता है।
  • तृतीय नियम- प्रत्येक क्रिया के विपरीत और बराबर प्रतिक्रिया होती है एवं भिन्न-भिन्न वस्तुओं पर क्रिया करती है। यदि वे एक ही वस्तुपर क्रिया करती हैं तो परिणामी बल शून्य होगा।

22. न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम (Newton’s Gravitational Law) किन्हीं दो पिण्डों के बीच कार्य करने वाले बल का परिणाम, पिण्डों के द्रव्यमान के गुणनफल के समानुपाती तथा उनकी बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

23. किरचाफ का ताप नियम (Kirchhoff’s Circuit Laws) किसी विकिरणRadiation के लिये ऊष्मा का अच्छा शोषक, उसी विकिरण के लिये ऊष्मा का अच्छा विकिरक भी होता है। ऊष्मा की इकाई जूल है।


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