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ज्यामितीय समावयवताIsomerism (Geometrical Isomerism) ज्यामितीय समावयवता में प्रकाश सक्रियताActivity नहीं होती। यह समावयवता उन्हीं यौगिकCompoundों में पाई जाती है जिनमें दो कार्बन परमाणुAtom युग्म बंधBond से बँधे होते हैं। यदि ऐसे यौगिकों के दोनों कार्बन परमाणुओं से एक से अधिक समूह संबद्ध हों, तो उससे निम्नलिखित प्रकार के दो यौगिक बन सकते हैं। एक, जिसमें दोनों समूह एक ही पक्ष में हैं और दूसरा, जिसमें दोनों समूह प्रतिकूल पक्ष में हैं। पहले यौगिकों को सिस (Cis) और दूसरे को ट्रैंस (Trans) कहते हैं। ऐसे यौगिकों में युग्म बंध के कारण अणुMolecule में दृढ़ता होती है, जिससे उसका मुक्त संचालन अवरुद्ध हो जाता है। ऐसे समावयव यौगिकों के सरलतम उदाहरण मलेइक और फ्यूमेरिक अम्ल हैं। मलेइक अम्ल में दोनों कार्बोक्सील समूह एक ही पक्ष में होते हैं और फ्यूमेरिक अम्ल में दोनों कार्बोक्सील समूह प्रतिकूल पक्ष में। इसकी पुष्टि इस बात से होती है कि मलेइक अम्ल अति शीघ्र ऐनहाइड्राइड बनाता है, जो कार्बोक्सील समूह की निकटता को प्रदर्शित करता है और फ्यूमेरिक अम्ल इतना जल्द ऐनहाइड्राइड नहीं बनाता, जो कार्बोक्सील समूह की दूरी को प्रदर्शित करता है। यदि ऐनहाइड्राइड कठिनता से बनता भी है, तो वह मलेइक ऐनहाइड्राइड ही होता है।

ऐसी समावयवता के लिए यह आवश्यक नहीं कि एक कार्बन परमाणु दूसरे कार्बन परमाणु के साथ ही संयुक्त हो। कार्बन यदि नाईट्रोजन के साथ संयुक्त हो, तो भी ऐसे समावयवीIsomer बनते हैं। इसके उदाहरण अनेक ऑक्सीम हैं, जो कीटोन पर हाइड्रांक्सिल ऐमीन की क्रिया से बनते हैं।


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